साइबर ठगों ने भारतीय पेट्रोलियम संस्थान से रिटायर्ड साइंटिस्ट के साथ लाखों रुपए की ठगी कर डाली. पीड़ित ने ऑनलाइन पेमेंट में आ रही दिक्कत के चलते ने गूगल पर हेल्पलाइन नंबर ढूंढा और मदद मांगनी चाही, लेकिन साइबर ठगों ने मदद के बजाय लाखों की ठगी कर डाली. पीड़ित के बेटे की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज किया गया है. जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
संजय सेमवाल निवासी जोगीवाला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पिता 82 वर्षीय डॉ. पीसी सेमवाल भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून से वरिष्ठ साइंटिस्ट पद से रिटायर्ड हुए हैं. 23 दिसंबर को उनके पिता के ऑनलाइन पेमेंट एप में तकनीकी दिक्कत आ रही थी. इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 23 दिसंबर को गूगल पर हेल्पलाइन नंबर खोजा. कुछ ही मिनटों में उन्हें अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल किया।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने बैंकिंक एप के निष्क्रियता की समस्या का समाधान करने का दावा करते हुए कहा कि वह एसबीआई का कार्यकारी अधिकारी है. उसके बाद व्यक्ति ने वाट्सएप पर एक APK फाइल साझा की, जिसके बारे में उनके पिता को कोई जानकारी नहीं थी और साइबर ठग ने उनके पिता का मोबाइल हैक करते हुए खाते से 3.39 लाख रुपये निकाल लिए गए. थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी संजीत कुमार ने बताया है कि पीड़ित की तहरीर के आधार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. साथ ही पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
वहीं एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर द्वारा जनता से अपील की है कि वह किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों, फर्जी साइट, धनराशि दोगुना करने और टिकट बुक करने वाले अनजान प्रलोभन में न आए. साथ ही सभी से अपील है कि वे फर्जी निवेश ऑफर जैसे सोशल मीडिया सब्सक्राइब, वेबसाइट पर ऑफर में निवेश न करें, किसी भी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें, अनजान कॉल आने पर लालच में ना आए, कॉलर की सत्यता की जांच करें बिना किसी भी प्रकार की सूचना और दस्तावेज न दें।
ऑनलाइन जॉब के लिए अप्लाई कराने से पहले साइट का पूरी तरह वेरिफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भली भांति अवश्य करा लें और गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर को सर्च न करें. तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है. फर्जी रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं. कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करें. शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें. वित्तीय साइबर अपराध घटित होने पर तुरंत 1930 नंबर पर सम्पर्क करें।
