देहरादून
धामी मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त।
बैठक में कुल आठ प्रस्तावों पर लगी मंजूरी।
मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी।
स्वास्थ्य विभाग में 5 साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी और पर्यवेक्षक आपसी सहमति से एक बार अपना जनपद बदल सकेंगे।
राज्य में छोटी, मध्यम और बड़ी परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन लेने की प्रक्रिया तय की गई, जिससे भूमि अधिग्रहण में समय कम लगेगा और मुकदमे घटेंगे।
ऊधम सिंह नगर के प्राग फार्म की 1354 एकड़ से अधिक भूमि को सिडकुल द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सब-लीज पर देने की अनुमति मिली।
देहरादून, चमोली, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में जनजाति कल्याण योजनाओं के संचालन के लिए चार जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत किए गए।
गैर-कृषि कार्यों के लिए भूजल उपयोग पर जल मूल्य प्रभार लागू होगा, वाणिज्यिक और औद्योगिक संस्थानों को 5000 रुपये पंजीकरण शुल्क देना होगा।
देहरादून में “जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय” के नाम से एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी गई।
उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गोचर हवाई पट्टी को नागरिक और सैन्य उपयोग के लिए संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया जाएगा।
उत्तराखंड हरित हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित।
