पानी हमारी जिंदगी में बहुत जरूरी भूमिका निभाता है. जब हम बाहर जाते हैं, तो अक्सर अपने साथ पानी की बोतल भी ले जाते हैं. शायद ही कोई ऐसा हो जो घर से निकलते समय बोतल साथ न ले जाए. बच्चों से लेकर बड़ों तक, चाहे वे स्कूल जा रहे हों या ऑफिस, हर कोई पानी की बोतल साथ रखता है. इसके लिए हम कई तरह की बोतलें खरीदते हैं. लेकिन सेहत और हाइड्रेशन के लिए सही पानी की बोतल चुनना बहुत जरूरी है. मेटल या स्टेनलेस स्टील की बोतलें टिकाऊ, इको-फ्रेंडली और प्लास्टिक का एक सुरक्षित विकल्प हैं. लेकिन हर कोई इस बात को लेकर परेशान रहता है कि पानी पीने या स्टोर करने के लिए कौन सी बोतल सुरक्षित है. इसलिए, इस आर्टिकल में हम आपको सही बोतलों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं.
तांबे का इस्तेमाल सदियों से आयुर्वेदिक दवाइयों में इसके औषधीय और एंटीमाइक्रोबियल गुणों के कारण किया जाता रहा है. पानी को तांबे के बर्तन में 6 से 8 घंटे तक रखने से तांबे का थोड़ा सा अंश पानी में मिल जाता है. तांबे की बोतल से पानी पीने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं. तांबे में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाते हैं. यह बैक्टीरिया की ग्रोथ को भी रोकता है. इसके अलावा, इस बोतल से पानी पीने से डाइजेस्टिव एंजाइम एक्टिव होते हैं और पेट की सेहत बेहतर होती है. ऐसा कहा जाता है कि तांबे की बोतल से पानी पीना थायराइड की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि यह हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. इसके अलावा, तांबे की बोतलें फ्री रेडिकल्स को बेअसर करती हैं, जिससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है.
यदि आप तांबे की बोतल का उपयोग कर रहे हैं, तो इसे समय-समय पर नींबू, नमक या सिरके से साफ करें. इससे ऑक्सीकरण रुकता है. दोबारा इस्तेमाल करने से पहले बोतल को अच्छी तरह धोकर सुखा लें. बोतल को सावधानीपूर्वक साफ करें, क्योंकि नुकीली चीजों से रगड़ने से बोतल खराब हो सकती है.
स्टील की पानी की बोतलों के फायदे
- स्टेनलेस स्टील की बोतलों में तांबे जितने पोषक तत्व नहीं होते, लेकिन ये पानी स्टोर करने का एक सुरक्षित और हाइजीनिक तरीका हैं.
- स्टील की बोतलें प्लास्टिक की बोतलों की तरह पानी को हानिकारक केमिकल से दूषित नहीं करतीं.
- स्टील की बोतलों में पानी सुरक्षित रहता है.
- कुछ स्टील की बोतलों में इंसुलेशन होता है जो पानी को लंबे समय तक गर्म या ठंडा रखता है.
- ये बोतलें 100 फीसदी रीसायकल हो सकती हैं, जिससे ये पर्यावरण के लिए अच्छी हैं.
स्टील की बोतलों को साबुन और पानी से आसानी से साफ किया जा सकता है. ये तांबे की बोतलों की तुलना में दाग और बदबू के प्रति ज्यादा प्रतिरोधी भी होती हैं.
याद रखने योग्य बातें
हालांकि, ये दोनों मटीरियल आम तौर पर सुरक्षित होती हैं, फिर भी इन्हें सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए.
- ज्यादा मात्रा में तांबा खाने से मतली, उल्टी या लिवर खराब हो सकता है. इससे बचने के लिए, तांबे की बोतलों में रखा पानी सीमित मात्रा में पिएं.
- एसिडिक लिक्विड को तांबे की बोतलों में रखने से तांबे का ज्यादा रिसाव हो सकता है, जो नुकसानदायक हो सकता है. उदाहरण के लिए, तांबे की बोतल से नींबू पानी पीने से डायरिया होने की संभावना बढ़ जाती है.
- तांबे की बोतलें समय के साथ ऑक्सीडाइज हो जाती हैं और हाइजीन बनाए रखने के लिए इन्हें सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए.
- स्टेनलेस स्टील की बोतलों में निकेल होता है, जिससे कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है.
- कम क्वालिटी वाली स्टील की बोतलों में समय के साथ जंग लग सकता है, इसलिए फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील (जैसे 304 या 316 ग्रेड) चुनना जरूरी है.
- स्टेनलेस स्टील से कोई अतिरिक्त पोषण नहीं मिलता है.
इन दोनों में से कौन सा स्वास्थ्य के लिए बेहतर है?
अगर आपको तांबे के न्यूट्रिशनल फायदे नहीं चाहिए, तो एक्सपर्ट्स स्टेनलेस स्टील की बोतल इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, जिससे कोई न्यूट्रिएंट्स नहीं निकलते. जो लोग आयुर्वेदिक सिद्धांतों को मानते हैं, उनके लिए भी तांबे की बोतल एक अच्छा ऑप्शन मानी जाती है. अगर आप इसे रेगुलर साफ करने और सही तरीके से इस्तेमाल करने को तैयार हैं, तो तांबे की बोतल चुनें. अगर आपको कम मेंटेनेंस वाली, टिकाऊ बोतल चाहिए, तो स्टील की बोतल बेहतर विकल्प है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टील की बोतलें ट्रैवल और ऑफिस इस्तेमाल के लिए एकदम सही हैं.
