देहरादून के सबसे बड़े दून अस्पताल की इमर्जेंसी बिल्डिंग में इलाज के लिए मरीजों को देर रात घंटों इंतजार करना पड़ा। इमर्जेंसी बिल्डिंग में मरीज इलाज के देर रात पहुंचते है, जहां मरीजों काफी इंतजार करना पड़ता है। वहीं कल देर रात एक नवजात बच्चे को उसका माता इमर्जेंसी में लेकर पहुंची जहां बच्चे को करीब 43 मिनट तक एम्बुलेंस में रखा गया। जिसके बाद उसकी माता डॉक्टर्स से बच्चे को भर्ती करने लिए गुहार लगाती रही। लेकिन बच्चे को वेंटिलर बेड खाली न होने कारण भर्ती नहीं किया गया।पूरे मामले में दून अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक आर एस बिष्ट का कहना है। नवजात बच्चे का मामला सामने आया था जिसमें बच्चा प्री मेच्योर बच्चा था। अस्पताल में कोई भी वेंटीलेटर बेड खाली नहीं था और बच्चे को जान का खतरा ना हो इसलिए बच्चे को एम्बुलेंस में रखा गया था। बेड खाली होने के बाद निक्कू वार्ड में बच्चे को भर्ती कर दिया गया था। वहीं एक ओर मामला भी सामने आया था जिसमें आईसीयू बेड खाली न होने के कारण मरीज को भर्ती नहीं किया गया। कम पेसो में अच्छा इलाज मिलने के वजह से इमेजेंसी बिल्डिंग में भीड़ ज्यादा हो रही है। वेंटीलेटर खाली न होने के कारण इसी समस्या सामने आई है।
बाइट :- आर एस बिष्ट,चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पताल
